भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
मेक्सिको का ड्रग युद्ध: ‘एल मेनचो’ के अंत के बाद अनिश्चित शांति परिचय मेक्सिको के लंबे और रक्तरंजित ड्रग युद्ध में 22 फरवरी 2026 की तारीख एक निर्णायक बिंदु के रूप में दर्ज की जाएगी। Nemesio Oseguera Cervantes, जिन्हें ‘एल मेनचो’ के नाम से जाना जाता था, की सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मृत्यु ने देश की आंतरिक सुरक्षा संरचना, राज्य की रणनीति और कार्टेल राजनीति—तीनों को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। यह केवल एक कुख्यात सरगना का अंत नहीं, बल्कि उस हिंसक तंत्र की परीक्षा है, जिसने पिछले दशक में मेक्सिको के सामाजिक ताने-बाने को गहराई से प्रभावित किया है। शक्ति का उदय और भय की राजनीति Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का उदय मेक्सिको के आपराधिक परिदृश्य में असाधारण गति से हुआ। एल मेनचो के नेतृत्व में यह संगठन न केवल फेंटेनिल और मेथमफेटामाइन की तस्करी का प्रमुख केंद्र बना, बल्कि उसने हिंसा को रणनीतिक औजार के रूप में व्यवस्थित ढंग से प्रयोग किया। CJNG ने अर्ध-सैनिक शैली की संरचना, उन्नत हथियारों और प्रचार-वीडियो के माध्यम से भय की ऐसी राजनीति गढ़ी, जिसने राज्य की क्षमता को खुली चुनौ...